खुद जुटाया पैसा, कराया काम
राजनगर एक्सटेंशन की कई सर्विस रोड लंबे समय से गड्ढों और टूट-फूट की समस्या से जूझ रही हैं। फॉर्च्यून सोसायटी के सामने सड़क की स्थिति भी लगातार खराब बनी हुई थी। आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। समस्या के समाधान के लिए लगातार शिकायतों के बाद भी जब जिम्मेदार विभाग की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो रेजिडेंट्स ने आपस में फंड एकत्र किया और सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से पर सीमेंटेड पैचवर्क करा दिया।
हादसों का डर, व्यवस्था पर सवाल
स्थानीय निवासियों का कहना है कि खराब सड़कों और गहरे गड्ढों के कारण रोजाना दुर्घटना का खतरा बना रहता है। खासकर महिलाएं और बुजुर्ग दुपहिया वाहनों से निकलते समय कई बार संतुलन खोकर गिर चुके हैं। रेजिडेंट्स का आरोप है कि राजनगर एक्सटेंशन में बड़ी संख्या में लोग रहते हैं, इसके बावजूद उनकी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं पर जीडीए गंभीरता नहीं दिखा रहा है। उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद सड़क की मरम्मत नहीं होना विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
एलिवेटेड रोड पर खर्च, सड़कें बदहाल
एक्सटेंशन के रेजिडेंट्स ने जीडीए की प्राथमिकताओं पर भी नाराजगी जताई है। उनका आरोप है कि विभाग एलिवेटेड रोड को सजाने-संवारने पर करोड़ों रुपये खर्च कर सकता है, लेकिन राजनगर एक्सटेंशन के लाखों निवासियों के लिए परेशानी का कारण बने गड्ढों को भरने और सर्विस रोड दुरुस्त कराने में तत्परता नहीं दिखाई जा रही। निवासियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सड़कों की मरम्मत नहीं हुई तो महिलाएं और बच्चे घर-घर जाकर चंदा जुटाकर श्रमदान के माध्यम से सड़कें ठीक कराने की पहल करेंगे। साथ ही सोशल मीडिया के जरिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से भी इस समस्या के समाधान के लिए व्यक्तिगत हस्तक्षेप की अपील की जाएगी।
विशेष: अपने से जुड़ी खबरों के लिए "मौन एक्सप्रेस" वॉट्सएप चैनल और फेसबुक पेज जरूर फॉलो करें। कमेंट बॉक्स में कमेंट कर अपने सुझाव अवश्य दें। ब्लॉग का वॉट्सअप चैनल जरूर फॉलो करें।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें