कब्जे पर आमने-सामने दावे
मामला तीन उपभोक्ता शिकायतों से जुड़ा है, जिनमें मिगसन अथर्वा के फ्लैट खरीदार शामिल हैं। पिछली सुनवाई में आयोग ने बिल्डर से हलफनामा मांगा था कि सन-1 से सन-4 टावरों के फ्लैटों का कब्जा उचित और रहने योग्य स्थिति में कब तक दिया जा सकता है। बिल्डर ने जवाब दिया कि बकाया भुगतान होने पर वह 60 दिनों में इन टावरों के फ्लैट सौंपने की स्थिति में होगा। इसके विपरीत खरीदारों ने आयोग में तस्वीरें पेश कर निर्माण की स्थिति पर सवाल उठाए।
नक्शे और सुविधाओं पर आपत्ति
खरीदारों ने केवल निर्माण की स्थिति पर ही सवाल नहीं उठाए, बल्कि परियोजना के मूल स्वीकृत नक्शे से विचलन की शिकायत भी की। उनका कहना था कि कई ऐसी सुविधाएं भी परियोजना में उपलब्ध नहीं हैं, जिनके वे हकदार हैं। खरीदारों के मुताबिक इन परिस्थितियों में केवल फ्लैट रहने योग्य होने का दावा भी पर्याप्त नहीं होगा और ऐसा कब्जा व्यावहारिक रूप से अधूरा साबित होगा। इन दावों के बीच आयोग ने विवाद के प्रभावी निस्तारण के लिए मौके की वास्तविक स्थिति का पता लगाना जरूरी माना और स्थानीय निरीक्षण की अर्जियां मंजूर कर दीं।
चार टावरों पर खास निगरानी
एनसीडीआरसी ने गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष को निर्देश दिया है कि सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर से कम रैंक के नहीं होने वाले सक्षम अधिकारी को परियोजना का निरीक्षण करने के लिए नियुक्त किया जाए। अधिकारी दोनों पक्षों को पहले सूचना देकर मौके पर पहुंचेगा और अर्जियों में उठाए गए बिंदुओं पर रिपोर्ट देगा। सन-1 से सन-4 टावरों की स्थिति पर विशेष ध्यान देने का निर्देश है, क्योंकि बिल्डर ने इन टावरों के लिए आंशिक पूर्णता प्रमाणपत्र हासिल किए जाने की बात कही है। निरीक्षण की संभावित फीस एक लाख रुपये शिकायतकर्ता संबंधित प्राधिकरण को सीधे देंगे। मामला 22 जनवरी 2027 को जांच रिपोर्ट के आधार पर फिर सूचीबद्ध होगा।
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