दुष्कर्म मामले में पीड़िता नर्स ने डीजीपी से की शिकायत, SIT जांच की मांग करते हुए मधुबन बापूधाम पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

विभु मिश्रा 
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन से नर्स को कार में अगवा कर निर्माणाधीन साइट पर दुष्कर्म करने के आरोप वाले मामले में अब पीड़िता ने स्थानीय पुलिस की जांच पर ही गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पीड़िता ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक और गाजियाबाद पुलिस आयुक्त समेत वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत भेजकर मामले की जांच बापूधाम थाने से हटाकर एसआईटी या किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी को सौंपने की मांग की है। साथ ही जीटीबी अस्पताल में सुरक्षित रखी फॉरेंसिक एविडेंस किट को तत्काल एफएसएल भेजने और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की गई है।

पुलिस पर गंभीर आरोप

पीड़िता का आरोप है कि मधुबन बापूधाम थाने के जांच अधिकारी रवींद्र कुमार और महिला कांस्टेबल सोनम आरोपी के पक्ष में काम कर रहे हैं। शिकायत में कहा गया है कि पुलिस की ओर से जीटीबी अस्पताल से साक्ष्य किट लेने में देरी की जा रही है। आरोप है कि अस्पताल प्रशासन को यह भी बताया गया कि पीड़िता आगे कोई कार्रवाई नहीं चाहती। इसके अलावा मेडिकल रिपोर्ट की फोटो खींचने और डराने-धमकाने की कोशिश किए जाने का भी दावा किया गया है।

फॉरेंसिक साक्ष्य सुरक्षित रखने की मांग

शिकायत में पीड़िता ने जीटीबी अस्पताल की एमएलसी का हवाला देते हुए वहां जमा फॉरेंसिक एविडेंस किट को सुरक्षित रखने और स्थानीय पुलिस के हस्तक्षेप के बिना एफएसएल भेजने की मांग की है। पीड़िता ने अपनी पहचान और ठिकाना गोपनीय रखने के साथ स्वतंत्र इकाई से सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी मांग की है। उसने स्थानीय पुलिस से संपर्क नहीं कराने का अनुरोध करते हुए मामले में निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई है।
पीड़ित नर्स

अगवा कर दुष्कर्म का आरोप

इस मामले में पीड़िता ने आरोप लगाया था कि 25 अगस्त को राजनगर एक्सटेंशन से आरोपी अंकित कुमार गुर्जर उसे कार में जबरन ले गया और मोरटा क्षेत्र की एक सुनसान निर्माणाधीन बिल्डर साइट पर उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता ने मारपीट, धमकी देने और अश्लील वीडियो बनाने का भी आरोप लगाया था।  बाद में पुलिस ने आरोपी अंकित गुर्जर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की थी। अब पीड़िता ने जांच की निगरानी वरिष्ठ स्तर से कराने और आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।

कई वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत

पीड़िता ने ये शिकायत उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक, गाजियाबाद के पुलिस आयुक्त, दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के विशेष आयुक्त, दिल्ली पुलिस की महिला सुरक्षा शाखा की संयुक्त आयुक्त और राष्ट्रीय महिला आयोग समेत जीटीबी अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक को भेजी है। इसमें बापूधाम थाने से जांच हटाकर स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने, फॉरेंसिक साक्ष्य एफएसएल भेजने, आरोपी को गिरफ्तार करने और पीड़िता को सुरक्षा देने की मांग की गई है।

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