पंचशील हाईनिश में मल्टीपॉइंट बिजली कनेक्शन पर निवासी और एओए आमने-सामने, विरोध के चलते लौटी एनपीसीएल की टीम
ग्रेटर नोएडा वेस्ट। पंचशील हाईनिश सोसायटी में बिजली कनेक्शन का मुद्दा अब निवासियों और एओए के बीच विवाद की वजह बन गया है। मल्टीपॉइंट कनेक्शन लागू कराने की मांग कर रहे निवासियों और इसका विरोध कर रही एओए कार्यकारिणी के बीच तनातनी बढ़ गई है। इसका असर यह हुआ कि 28 अक्टूबर को काम शुरू कराने पहुंची नोएडा पावर कंपनी लिमिटेड (एनपीसीएल) की टीम को बिना काम किए वापस लौटना पड़ा। निवासियों ने एओए के रवैये पर नाराजगी जताते हुए अब बिजली कंपनी के अधिकारियों से भी जवाब मांगा है।
सेक्टर-1 की इस सोसायटी में मल्टीपॉइंट कनेक्शन लागू करने की तैयारी काफी पहले शुरू हो चुकी थी। एनपीसीएल सोसायटी का सर्वे भी पूरा कर चुकी है। योजना के मुताबिक प्रत्येक फ्लैट में अलग बिजली मीटर लगाया जाना है, जिससे निवासी सीधे बिजली कंपनी के उपभोक्ता बन सकें। निवासियों का आरोप है कि एओए की कालातीत कार्यकारिणी और उसके कुछ समर्थक इस व्यवस्था को लागू करने में बाधा डाल रहे हैं। इसी विरोध के चलते निर्धारित तारीख पर पहुंची एनपीसीएल की टीम को लौटना पड़ा।
इस पूरे मामले में 22 अक्टूबर 2026 को एनपीसीएल ने बिल्डर और एओए को अंतिम नोटिस जारी किया था। इसमें 28 अक्टूबर से मल्टीपॉइंट कनेक्शन लगाने का काम शुरू करने और मौजूदा सिंगल पॉइंट व्यवस्था समाप्त करने की जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद काम शुरू नहीं हो सका। निवासियों का सवाल है कि जब सर्वे से लेकर नोटिस और कार्य शुरू करने की तारीख तक तय हो चुकी थी, तो फिर विरोध के सामने पूरी प्रक्रिया क्यों रुक गई।
निवासियों की नाराजगी के पीछे मौजूदा बिजली व्यवस्था से जुड़ी शिकायतें भी हैं। उनका आरोप है कि एडवांस में बिजली रिचार्ज कराने के बावजूद सोसायटी के दूसरे बकाये का भुगतान नहीं होने पर रिचार्ज रोक दिया जाता है। यानी बिजली का भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को भी दूसरे वित्तीय विवादों का खामियाजा भुगतना पड़ता है। इस तरह की शिकायतों को लेकर सोसायटी में कई बार विवाद हुए और पुलिस को भी हस्तक्षेप करना पड़ा।
एनपीसीएल की टीम के लौटने के बाद निवासियों ने कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि यदि नियामक आयोग के आदेशों के अनुपालन में प्रक्रिया शुरू की जा रही थी तो विरोध के कारण काम रुकने पर अधिकारियों ने प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाया। निवासियों के मुताबिक मल्टीपॉइंट व्यवस्था से प्रत्येक फ्लैट का बिजली बिल सीधे कंपनी से आएगा और उपभोक्ता अपनी खपत के अनुसार भुगतान कर सकेगा। इससे बिजली के बिल और सोसायटी के अन्य बकायों का आपस में कोई संबंध नहीं रहेगा।
राम मोहन सिंह, सुकृति भट्टाचार्य, भास्कर कानूनगो, मीनाक्षी, इशांक शर्मा, नितिन शुक्ला, महेंद्र प्रताप सिंह और संजीव शर्मा समेत कई निवासियों ने इस मामले में अपनी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (यूपीईआरसी) के आदेशों और लागू नियमों के अनुसार मल्टीपॉइंट कनेक्शन की प्रक्रिया तत्काल शुरू कराने की मांग की है। इसके लिए एनपीसीएल की टीम को पर्याप्त पुलिस सुरक्षा और प्रशासनिक सहयोग देने की बात कही गई है, ताकि कोई भी व्यक्ति काम में रुकावट न डाल सके।
निवासियों ने प्रत्येक फ्लैट में अलग मीटर लगाने की समयबद्ध कार्ययोजना बनाने, बिजली रिचार्ज को सोसायटी के दूसरे बकाये से अलग रखने और एनपीसीएल के वरिष्ठ अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि यदि मल्टीपॉइंट कनेक्शन का रास्ता इसी तरह रोका जाता रहा तो सोसायटी में असंतोष और बढ़ेगा। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि बिजली कंपनी और प्रशासन इस विवाद को सुलझाकर कनेक्शन लगाने का काम कब शुरू कराते हैं।
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