गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन के निवासी लंबे समय से बदहाल सड़कों, बंद स्ट्रीट लाइटों, गंदगी और अतिक्रमण जैसी समस्याओं से परेशान हैं। इन समस्याओं को लेकर लगातार शिकायतें करने के बावजूद अधिकारियों ने सुध नहीं ली। अब पांच नवंबर को भाजपा के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित आगमन की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, नगर निगम और जीडीए के अधिकारी सक्रिय हो गए हैं। मुख्यमंत्री के स्वागत की तैयारियों के बीच इलाके की सूरत बदलने का काम तेजी से शुरू हो गया है।
24 घंटे में शुरू हुए काम
मुख्यमंत्री के प्रस्तावित रूट पर नगर निगम की टीम ने युद्धस्तर पर काम शुरू कराया है। सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत के साथ गड्ढे भरे जा रहे हैं और कई स्थानों पर सड़क पर नई परत बिछाई जा रही है। फुटपाथों की मरम्मत कराकर उन पर रंगाई-पुताई की जा रही है। सड़क के दोनों ओर जमा गंदगी हटाकर सफाई कराई गई है। फुटपाथों पर पौधे लगाए जा रहे हैं। लंबे समय से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करने के साथ कुछ स्थानों पर नई लाइटें भी लगाई गई हैं। सड़क किनारे हुए अतिक्रमण को भी हटाया जा रहा है। मुख्यमंत्री के आने की सूचना मिलने के बाद महज 24 घंटे में विभागों की सक्रियता से वे काम जमीन पर दिखाई देने लगे हैं, जिनके लिए निवासी लंबे समय से मांग कर रहे थे।
जनता के लिए बजट नहीं
स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र की समस्याओं को लेकर जब भी नगर निगम और जीडीए के अधिकारियों से शिकायत की गई तो बजट की कमी सहित कई तरह के बहाने बनाए गए। सड़कें ठीक कराने और स्ट्रीट लाइटें चालू कराने के लिए लगातार मांग उठाई जाती रही, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब भाजपा के निजी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर रातोंरात लाखों रुपये खर्च कर व्यवस्थाएं सुधारी जा रही हैं। निवासियों का सवाल है कि जनता की सुविधाओं के लिए बजट नहीं होने की बात कहने वाले विभागों के पास आखिर अब इस कार्यक्रम के लिए संसाधन कहां से आ गए? लोगों ने तंज कसते हुए कहा कि सीएम को रोज राजनगर एक्सटेंशन आना चाहिए, ताकि कम से कम इसी बहाने अधिकारियों को जनता की परेशानियां तो याद आती रहें।
सिर्फ प्रस्तावित रूट पर मेहरबानी
निवासियों ने मुख्यमंत्री के प्रस्तावित रूट पर ही विकास कार्य कराए जाने पर भी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि राजनगर एक्सटेंशन का दायरा काफी बड़ा है और यहां अनेक स्थानों पर सड़कें बदहाल हैं। कई अंदरूनी रास्तों पर भी सुविधाओं का अभाव है। इसके बावजूद विभागों का पूरा ध्यान केवल उस मार्ग को चमकाने पर है, जहां से मुख्यमंत्री का काफिला गुजरने की संभावना है। लोगों का कहना है कि जब विभागों ने काम शुरू ही कर दिया है तो पूरे राजनगर एक्सटेंशन की सड़कों, स्ट्रीट लाइटों और सफाई व्यवस्था को दुरुस्त कराया जाना चाहिए। विकास का लाभ केवल वीआईपी रूट तक सीमित नहीं रहना चाहिए।
पदयात्रा में जुटेंगे पांच हजार लोग
पांच नवंबर को भाजपा की ओर से आयोजित पदयात्रा में पांच हजार से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम और भीड़ को देखते हुए यातायात पुलिस ने भी रूट डायवर्जन लागू करने का निर्णय लिया है। पांच नवंबर को राजनगर एक्सटेंशन में वाहनों का आवागमन बंद रहेगा। रोटरी गोल चक्कर से एएलटी और एएलटी से रोटरी गोल चक्कर तक वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी। एडीसीपी ने लोगों से परेशानी से बचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की अपील की है।
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