शिप्रा कृष्णा विस्टा में चुनावी घमासान, नोटिस फाड़ने पर भड़के निवासी

विभु मिश्रा 
गाजियाबाद। इंदिरापुरम स्थित शिप्रा कृष्णा विस्टा रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन में लंबे समय से चल रहे चुनावी विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। डिप्टी रजिस्ट्रार के आदेश पर चुनाव प्रक्रिया शुरू होने और चुनाव अधिकारी द्वारा आधिकारिक पत्र जारी किए जाने के बाद सोसाइटी में लगा सरकारी नोटिस फाड़े जाने का मामला सामने आया है। इससे निवासियों में भारी नाराजगी है और इसे चुनाव प्रक्रिया बाधित करने की साजिश बताया जा रहा है।

लंबे विवाद के बाद आदेश

सोसाइटी में एओए चुनाव को लेकर पिछले कई महीनों से कानूनी लड़ाई चल रही थी। निवासियों की शिकायतों के बाद डिप्टी रजिस्ट्रार ने 6 मार्च 2026 को चुनाव कराने का आदेश दिया था। इसके खिलाफ तत्कालीन एओए ने एसडीएम कोर्ट में अपील दाखिल कर चुनाव पर रोक और कार्यकाल बढ़ाने की मांग की। हालांकि सभी पक्षों की सुनवाई के बाद एसडीएम कोर्ट ने 17 अप्रैल को चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ाने का आदेश जारी कर दिया।

एक हफ्ते में सौंपे दस्तावेज

मामले में दोबारा समीक्षा याचिका दाखिल किए जाने के बाद भी एसडीएम कोर्ट ने 6 मई 2026 को वर्तमान एओए को “कालातीत” घोषित कर दिया। इसके बाद डिप्टी रजिस्ट्रार ने भी 13 मई के पत्र में यही स्थिति स्पष्ट करते हुए चुनाव अधिकारी नियुक्त कर निष्पक्ष चुनाव कराने के निर्देश दिए। 22 मई को जारी आधिकारिक पत्र में चुनाव अधिकारी ने एक सप्ताह के भीतर सोसाइटी के बायलॉज और पंजीकृत मतदाताओं की सूची उपलब्ध कराने को कहा है।

नोटिस फाड़ने पर आक्रोश

निवासियों का आरोप है कि चुनाव अधिकारी द्वारा परिसर में लगाए गए आधिकारिक नोटिस को कुछ अज्ञात लोगों ने फाड़कर हटा दिया। इसे लेकर सोसाइटी में आक्रोश बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि यह पूरी घटना चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश का हिस्सा है। निवासियों ने सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने और जिम्मेदार लोगों की पहचान कर कार्रवाई की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि अब किसी भी तरह लोकतांत्रिक प्रक्रिया को रोका नहीं जा सकेगा और निष्पक्ष चुनाव होकर रहेंगे।

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