शिप्रा कृष्णा विस्टा में मेंटेनेंस फंड पर घमासान, निवासियों ने पारदर्शिता पर उठाए सवाल

विभु मिश्रा 
गाजियाबाद। इंदिरापुरम स्थित शिप्रा कृष्णा विस्टा सोसाइटी में हालिया चुनाव, मतदाता सूची विवाद, चुनाव परिणामों पर लगी रोक और न्यायिक प्रक्रिया में मेंटेनेंस फंड के कथित इस्तेमाल को लेकर विवाद गहरा गया है। सोसायटी में हाल ही में आयोजित संवाद कार्यक्रम में निवासियों ने पारदर्शिता, जवाबदेही और चुनाव में मिले जनादेश का सम्मान सुनिश्चित करने की मांग उठाते हुए हस्ताक्षर अभियान भी चलाया।

चुनाव पर असंतोष

बैठक में मौजूद निवासियों ने कहा कि मतदाता सूची को लेकर विवाद होने के बावजूद तय कार्यक्रम के अनुसार चुनाव संपन्न हुए और फ्लैट मालिकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर नया जनादेश दिया। इसके बाद मामला न्यायालय पहुंचने से चुनाव परिणामों पर रोक लग गई और निर्वाचित बोर्ड अब तक कार्यभार नहीं संभाल सका। निवासियों का कहना है कि इससे सोसाइटी के प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

फंड खर्च पर सवाल

संवाद कार्यक्रम में सबसे अधिक चर्चा इस बात को लेकर हुई कि यदि न्यायालय में चल रहे मामले की पैरवी के लिए सोसाइटी के मेंटेनेंस फंड का उपयोग किया जा रहा है तो इसकी जानकारी और अनुमति की प्रक्रिया सभी निवासियों के सामने स्पष्ट होनी चाहिए। साथ ही बोर्ड बैठकों के एजेंडा और कार्यवृत्त (मिनट्स) सार्वजनिक किए जाने की मांग भी उठाई गई, ताकि हर निर्णय पारदर्शी तरीके से सामने आ सके।

हस्ताक्षर अभियान चलाया

कार्यक्रम के दौरान मांगों के समर्थन में हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में निवासियों ने भाग लिया। अमन जैन, संजय राजदान, मयंक सिंघल, आशीष शर्मा, संजय सक्सेना और श्रीमती सुधा धवन सहित कई लोगों ने कहा कि सोसाइटी के संचालन से जुड़े सभी निर्णय पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से लिए जाने चाहिए तथा चुनाव में मिले जनादेश का सम्मान किया जाना चाहिए।

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