बड़ी खबर: क्लासिक रेजिडेंसी का चुनाव अवैध करार, निरस्त हुई नई एओए; अब चुनाव अधिकारी की निगरानी में होगा मतदान
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन स्थित क्लासिक रेजिडेंसी में अप्रैल में हुए एओए चुनाव आखिरकार विवादों में घिरने के बाद निरस्त कर दिए गए हैं। डिप्टी रजिस्ट्रार ने चुनाव प्रक्रिया को नियमों के अनुरूप न मानते हुए पूरे चुनाव को अवैध घोषित कर दिया है। इसके साथ ही सोसायटी में दोबारा चुनाव कराने के निर्देश जारी किए गए हैं, जो अब नियुक्त चुनाव अधिकारी की देखरेख में संपन्न होंगे। फैसले के बाद नई एओए में शामिल एक धड़े में निराशा का माहौल है।
फरवरी की जगह अप्रैल में चुनाव
क्लासिक रेजिडेंसी में वर्ष 2025-26 के लिए एओए चुनाव 16 फरवरी 2025 को हुए थे। इसके अनुसार अगले कार्यकाल 2026-27 के चुनाव भी 16 फरवरी 2026 तक संपन्न होने थे। हालांकि एओए पदाधिकारियों ने डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय को सूचना देने और बच्चों की सीबीएसई परीक्षाओं का हवाला देते हुए चुनाव निर्धारित समय पर नहीं कराए। बाद में चुनाव 5 अप्रैल को आयोजित किए गए, जिसमें नई कार्यकारिणी का गठन हुआ और देशमणि शर्मा अध्यक्ष बने।शिकायत पहुंची डीआर कार्यालय
चुनाव में देरी और उसकी वैधानिकता को लेकर सोसायटी निवासी उषा सिंह ने डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कहा गया कि कार्यकाल समाप्त होने के काफी समय बाद चुनाव कराए गए, जबकि नियमानुसार ऐसी स्थिति में प्रक्रिया सक्षम प्राधिकारी की निगरानी में होनी चाहिए थी। शिकायत मिलने के बाद डीआर कार्यालय ने मामले को संज्ञान में लेते हुए सभी पक्षों से जवाब मांगा और पूरे प्रकरण की सुनवाई शुरू की।सुनवाई के बाद फैसला
मामले में तत्कालीन डीआर वैभव कुमार ने 21 मई को संबंधित पक्षों को बुलाकर सुनवाई की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद उन्होंने अप्रैल में कराए गए चुनावों को वैध नहीं माना। आदेश में चुनाव प्रक्रिया को निरस्त करते हुए नई कार्यकारिणी की वैधानिक मान्यता समाप्त कर दी गई। इसके साथ ही सोसायटी में दोबारा चुनाव कराने का रास्ता साफ हो गया।अब अधिकारी की देखरेख में होगा चुनाव
डीआर ने चुनाव अधिकारी नियुक्त करते हुए उनके पर्यवेक्षण में नए चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं। इस फैसले का सबसे बड़ा असर अप्रैल में चुनी गई एओए टीम पर पड़ा है। चुनाव निरस्त होने से अध्यक्ष देशमणि शर्मा समेत पूरी कार्यकारिणी का कार्यकाल प्रभावी रूप से समाप्त हो गया है। इस संबंध में देशमणि शर्मा का पक्ष जानने के लिए उनसे संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।विशेष: अपने से जुड़ी खबरों के लिए "मौन एक्सप्रेस" वॉट्सएप चैनल और फेसबुक पेज जरूर फॉलो करें। कमेंट बॉक्स में कमेंट कर अपने सुझाव अवश्य दें।


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