सैकड़ों सोसायटियों की आवाज एक करने की तैयारी, 2027 से पहले टीएचए में गरमाएगी नई सियासी हलचल

बैठक की तैयारियों पर चर्चा करते एओए पदाधिकारी
विभु मिश्रा 
गाजियाबाद। ट्रांस हिंडन की सैकड़ों हाउसिंग सोसायटियों में अलग-अलग उठ रही समस्याओं को अब एक साथ उठाने की तैयारी है। इंदिरापुरम, वसुंधरा और वैशाली की एओए-आरडब्ल्यूए के प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाने के लिए 26 सितंबर को बैठक बुलाई गई है। अगर यह पहल आगे बढ़ती है तो सोसायटियों के मुद्दों के साथ स्थानीय राजनीति में भी हलचल तेज होना तय माना जा रहा है। खासकर 2027 विधानसभा चुनाव से पहले इसे स्थानीय विधायक और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा के लिए खतरे की घंटी के तौर पर देखा जा रहा है।

बिखरी आवाजें होंगी एकजुट

गाजियाबाद कोलैबोरेशन की ओर से रोहित गुप्ता ने इंदिरापुरम, वसुंधरा और वैशाली की विभिन्न एओए-आरडब्ल्यूए को बैठक में शामिल होने का आह्वान किया है। बैठक 26 सितंबर को शाम पांच बजे ग्रैंड पियासा, इंदिरापुरम में होगी। खास बात यह है कि इसमें वर्तमान पदाधिकारियों के साथ पिछले चुनाव में हार चुके पक्षों के प्रतिनिधियों को भी बुलाया गया है। मकसद सोसायटियों के भीतर चलने वाले विवादों से ऊपर उठकर उन समस्याओं पर एक साथ आवाज उठाना है, जिनसे हजारों परिवार रोजाना जूझ रहे हैं।

डिप्टी रजिस्ट्रार से बिजली तक

बैठक में डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय की कार्यप्रणाली और शिकायतों पर कथित तौर पर दूसरे पक्ष को सुने बिना एकतरफा निर्णय लेने का मुद्दा भी उठाया जाएगा। इसके अलावा सिंगल पॉइंट बिजली कनेक्शन, करीब 15 साल पुरानी हो चुकी सोसायटियों में भवनों की मरम्मत और पेंटिंग, लिफ्ट की दिक्कतों जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। आयोजकों का कहना है कि अलग-अलग सोसायटियां अपनी समस्या लेकर जाती हैं तो अपेक्षित सुनवाई नहीं होती, इसलिए सामूहिक प्रयास जरूरी है।
बैठक में शामिल एओए-आरडब्ल्यूए पदाधिकारी

सुविधाओं का भी उठेगा सवाल

सार्वजनिक परिवहन की कमी भी बैठक के प्रमुख मुद्दों में है। मेट्रो, बस और मेट्रो फीडर सेवा के विस्तार के साथ सरकारी अस्पताल और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की मांग भी रखी जाएगी। इसके अलावा शुद्ध पेयजल, अतिक्रमण, सफाई, कचरा निस्तारण, ट्रैफिक और जलभराव जैसी समस्याओं पर भी चर्चा प्रस्तावित है। यानी एजेंडा सीधे उन बुनियादी सुविधाओं से जुड़ा है, जिनको लेकर टीएचए के सोसायटी निवासी लंबे समय से शिकायत करते रहे हैं।

अमरपाल शर्मा बढ़ायेंगे गर्माहट

बैठक में साहिबाबाद के पूर्व विधायक और 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए ताल ठोक रहे समाजवादी पार्टी नेता पं. अमरपाल शर्मा को मुख्य आमंत्रित सदस्य बनाया गया है। आयोजकों ने बैठक को गैर-राजनीतिक बताया है, लेकिन अमरपाल शर्मा की मौजूदगी से राजनीतिक चर्चा होना स्वाभाविक है। भाजपा के लिए खास चिंता इस बात की हो सकती है कि सोसायटियों के मुद्दे यदि एक साझा एजेंडे में बदलते हैं तो उनका असर चुनावी माहौल पर भी पड़ सकता है।

26 सितंबर पर नजर

बैठक में भविष्य की योजनाओं और सोसायटियों के बीच सहयोग की रणनीति पर भी चर्चा होगी। फिलहाल कोई साझा मंच गठित नहीं हुआ है, बल्कि 26 सितंबर की बैठक के जरिए ऐसी एकजुटता की जमीन तैयार करने की कोशिश है। यदि एओए-आरडब्ल्यूए प्रतिनिधि एक साथ आने पर सहमत होते हैं तो टीएचए की स्थानीय राजनीति में नया दबाव समूह उभर सकता है। यही वजह है कि इस बैठक को सोसायटियों की समस्याओं से आगे बढ़कर 2027 की सियासी हलचल की शुरुआती दस्तक के तौर पर देखा जा रहा है।

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