जहरीले पीले पानी के घूंट पीने को मजबूर इस कालोनी के निवासी, पलायन के कगार पर निवासी

विभु मिश्रा
गाजियाबाद। शहर के लोहिया नगर के सी-ब्लॉक, लाल क्वार्टर और पीले क्वार्टर क्षेत्र में रहने वाले हजारों निवासियों के लिए नलों से आने वाला पानी ही अब उनके जीवन का सबसे बड़ा संकट बन गया है। इलाके में पिछले काफी समय से गंदे और बदबूदार पीले पानी की आपूर्ति हो रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि समय बीतने के साथ-साथ यह पानी साफ होने के बजाय और अधिक जहरीला और गंदा होता जा रहा है, जिससे पूरा क्षेत्र महामारी की आशंका से भयभीत है।

हर घर में फैला बीमारी का खौफ

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि दूषित पानी के लगातार इस्तेमाल से क्षेत्र के घर-घर में लोग पेट के संक्रमण, पीलिया, त्वचा रोग और अन्य गंभीर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। निवासियों की मानें तो इस जहरीले पानी के कारण कुछ लोग अत्यंत गंभीर बीमारियों की चपेट में आ गए हैं। अपने और अपने बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को देखते हुए अब कई परिवार इस क्षेत्र को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर पलायन करने का मन बना रहे हैं।

पानी में कैमिकल का शक

कैमिकलयुक्त पानी
 इलाके के लोगों का कहना है कि क्षेत्र में     हो रही जलापूर्ति में एक बार फिर   कैमिकल आ रहा है। लोगों ने शक है कि   लगातार खराब हो रहे इस भूजल में एक   चर्चित स्थानीय कंपनी की भूमिका हो   सकती हैं। स्थानीय लोगों को आशंका है   कि कंपनी द्वारा अपने कैमिकलयुक्त   औद्योगिक वेस्ट का सही निस्तारण न   करके उसे अंडरग्राउंड डिस्चार्ज किया जा   रहा है, जिसके कारण पूरे क्षेत्र का भूजल स्तर दूषित हो रहा है। सालों पहले भी इस कंपनी के कारण इलाके में हाहाकार मचा था। 

क्रोमियम का वर्षों पुराना खौफ

स्थानीय लोगों की यह आशंका बेबुनियाद नहीं है। कई वर्ष पूर्व भी इसी कंपनी के कारण लाल क्वार्टर, पीले क्वार्टर और लोहिया नगर का पानी अत्यधिक विषाक्त हो गया था। तब जांच में पानी में खतरनाक केमिकल घुलने की पुष्टि हुई थी। भारी जनाक्रोश और प्रशासनिक व न्यायिक सख्ती के बाद कंपनी द्वारा लोहिया नगर में वाटर ट्रीटमेंट (बायोरेमेडिएशन) प्लांट लगाया गया था। लेकिन वर्षों बाद एक बार फिर नलों में वैसा ही पीला पानी आते देख निवासियों का पुराना खौफ लौट आया है।

पानी की जांच की मांग

क्षेत्रीय निवासियों का कहना है कि यदि प्रशासन ने तुरंत पानी के सैंपल लेकर जांच नहीं कराई तो पूर्व की तरह यहां लोगों के स्वास्थ्य पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने अधिकारियों से इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत सख्त कार्रवाई करने और क्षेत्र में साफ और स्वच्छ पानी की आपूर्ति बहाल किए जाने की मांग की है। 
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