विभु मिश्रा
गाजियाबाद। सोसायटियों में लिफ्ट हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं और आए दिन किसी न किसी सोसायटी से लिफ्ट गिरने या अटकने की खबरें सामने आती रहती हैं। ताजा मामला आज राजनगर एक्सटेंशन स्थित देविका स्काइपर्स सोसायटी में घटा, जहां ए टावर में अचानक बड़ा हादसा हो गया। छठी मंजिल से लिफ्ट फ्री-फॉल होकर सीधे नीचे आ गिरी और ग्राउंड व फर्स्ट फ्लोर के बीच फंस गई। लिफ्ट के इतने तेज झटके से टकराने के कारण ग्राउंड फ्लोर का सुरक्षा गेट पूरी तरह टूट गया। हादसे के वक्त लिफ्ट के भीतर निवासी मौजूद थे, जिससे पूरी सोसायटी में दहशत का माहौल बन गया है।
ऐसे हुआ हादसा
हादसे के वक्त लिफ्ट में ए टावर के आठवें फ्लोर पर रहने वाले पीके सिंह सवार थे। उन्होंने बताया कि वह सुबह लगभग पौने नौ बजे ऑफिस जाने के लिए निकले थे। आठवें से छठी मंजिल तक लिफ्ट सामान्य तरीके से आई, लेकिन इसके बाद अचानक बहुत तेजी से नीचे की तरफ जा गिरी। पीके सिंह के अनुसार लिफ्ट के अंदर इमरजेंसी कॉल फोन तक चालू नहीं था, जिस कारण उन्हें अपने मोबाइल से परिजनों और सुरक्षाकर्मियों को फोन करके मदद बुलानी पड़ी। उन्होंने चिंता जताई कि लिफ्ट में बच्चों का भी आना-जाना रहता है जिनके पास मोबाइल नहीं होता, ऐसे में इमरजेंसी फोन का न होना गंभीर खतरा है।
रखरखाव में लापरवाही पर रोष
घटना के बाद सोसायटी के निवासियों का गुस्सा फूट पड़ा। रेजिडेंट्स का कहना है कि लिफ्ट में सुरक्षा के लिए 'डबल केबल' का सिस्टम होता है, फिर भी लिफ्ट का इस तरह गिरना मेंटेनेंस कंपनी की बड़ी लापरवाही को दर्शाता है। लोगों ने आरोप लगाया कि सिर्फ मेंटेनेंस का पर्चा चिपका देने से काम पूरा नहीं हो जाता। इसके अलावा लिफ्ट में इमरजेंसी बैटरी (ARD) की सुविधा दुरुस्त न होने और लंबे समय से ध्यान न दिए जाने पर भी लोगों ने सख्त नाराजगी जताते हुए मेंटेनेंस एजेंसी पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।
सुरक्षा जांच पर खड़े हुए सवाल
सोसायटी की 13 साल पुरानी लिफ्टों की मेंटेनेंस रिपोर्ट की समीक्षा करने पर निवासियों ने गंभीर सवाल खड़े किए। रेजिडेंट्स ने पाया कि सर्विस रिपोर्ट में केवल 'डोर ऑपरेटर' और 'लॉक्स' जैसे बेसिक हिस्सों की चेकिंग पर टिक लगाया जाता है। जबकि रोप्स, बेल्ट्स, गवर्नर, मोटर, कंट्रोलर और पिट इक्विपमेंट जैसे सबसे महत्वपूर्ण हिस्सों के निरीक्षण का कोई जिक्र तक नहीं होता। इसके साथ ही पिट लाइट और मशीन रूम की लाइटें खराब होने का मुद्दा भी उठाया गया।
जांच और कार्रवाई का आश्वासन
पूरे घटनाक्रम पर एओए संयुक्त सचिव मनोज पवार ने माना कि लिफ्ट का गेट अचानक टूट जाना बेहद संगीन मामला है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के साथ किसी भी सूरत में समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि हादसे के बाद लिफ्ट का रखरखाव देखने वाली कंपनी OTIS के आला अधिकारियों से तुरंत संपर्क साधकर उन्हें मौके पर तलब किया गया है। कंपनी की टीम को पूरी लिफ्ट की इमरजेंसी चेकिंग करने के निर्देश दिए गए हैं और हादसे की वजह क्या रही, इसकी बिंदुवार जांच रिपोर्ट तुरंत जमा कराने को कहा गया है।
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