करोड़ों की झील की जमीन पर बड़ा खेल, जीडीए से नक्शा मंजूर करा खड़ी कर दी इमारत; महापौर ने पकड़ा मामला

झील की जगह पर खड़ी की गई इमारत 
विभु मिश्रा 
गाजियाबाद। पसोंडा में शालीमार गार्डन मेन से लगी करोड़ों रुपये कीमत की जमीन पर इमारत खड़ी होने का मामला सामने आया है। सरकारी अभिलेखों में जिस जमीन को झील और जलाशय के रूप में दर्ज बताया जा रहा है, वहां निर्माण हो गया। मामले में यह भी सामने आया है कि निर्माण के लिए जीडीए से नक्शा मंजूर कराया गया। अब महापौर सुनीता दयाल ने मामले का संज्ञान लेकर जांच और कार्रवाई के संकेत दिए हैं।

सरकारी रिकॉर्ड में झील

मामला पसोंडा के खसरा संख्या 1563/1, 1562 और 1664 समेत अन्य जमीनों से जुड़ा है। शिकायत में खसरा संख्या 1563 और 1564 पर स्थित प्लॉट संख्या 775 का भी उल्लेख किया गया है। शिकायत के अनुसार सरकारी अभिलेखों में यह जमीन झील और जलाशय के नाम दर्ज है तथा इस पर नगर निगम गाजियाबाद का स्वामित्व बताया गया है। इसके बावजूद मौके पर इमारत खड़ी हो गई।

पीएम-सीएम तक शिकायत

मामले को लेकर 14 जुलाई 2025 को प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्रालय समेत संबंधित विभागों के पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत की संदर्भ संख्या 60000250163897 है। इसके बाद 23 अगस्त 2025 को तहसीलदार सदर के स्तर से संबंधित खसरा नंबरों की स्थलीय और अभिलेखीय जांच कराई गई। शिकायत के मुताबिक जांच में संबंधित जमीन झील के नाम दर्ज मिली थी। इसकी जानकारी नगर निगम को भी दी गई थी।

नक्शा मंजूर होने पर सवाल

मामले में अब यह सवाल उठ रहा है कि सरकारी अभिलेखों में झील के रूप में दर्ज जमीन पर निर्माण कैसे हुआ और इमारत का नक्शा किस आधार पर मंजूर किया गया। शिकायत में यूसुफ, जावेद, राकेश और रमन झा समेत अन्य लोगों के नाम भी दिए गए हैं। जमीन पर कब्जे और निर्माण के संबंध में लगाए गए आरोपों की जांच के साथ जीडीए से नक्शा स्वीकृत होने की प्रक्रिया भी जांच के दायरे में है।
मेयर सुनीता दयाल

महापौर ने लिया संज्ञान

महापौर सुनीता दयाल ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने इस प्रकरण में शिकायत के बाद जीडीए सचिव की रिपोर्ट प्राप्त होने की बात कही है। उन्होंने बताया कि जीडीए अधिकारियों की रिपोर्ट के मुताबिक जीडीए में फर्जी एनओसी के आधार पर नक्शा स्वीकृत कराया गया था। अब इस रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई कराई जाएगी। उन्होंने साफ-साफ कहा कि झील की जमीन पर कब्जा कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस अवैध इमारत को ध्वस्त किया जाएगा। महापौर ने लोगों से भी अपील की है कि पसोंडा और शालीमार गार्डन मेन क्षेत्र में जमीन या फ्लैट खरीदने से पहले संबंधित खसरा और प्लॉट की स्थिति की पूरी जानकारी जरूर कर लें। 

भाजपा नेताओं की मिलीभगत की चर्चा

इधर सूत्रों के मुताबिक इस मामले में कई बड़े नेताओं की भूमिका की बात भी सामने आ रही है। इस पर महापौर का कहना है कि जो भी इस मामले दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, चाहे वो उनकी पार्टी का भी कितना ही बड़ा नेता क्यूँ ना हो।
विशेष: अपने से जुड़ी खबरों के लिए "मौन एक्सप्रेस" वॉट्सएप चैनल और फेसबुक पेज जरूर फॉलो करें। कमेंट बॉक्स में कमेंट कर अपने सुझाव अवश्य दें। ब्लॉग का वॉट्सअप चैनल जरूर फॉलो करें।

टिप्पणियाँ