राजनगर एक्सटेंशन में आज से दिखेगा संस्कृति का विराट रंग, दुर्गा महोत्सव में गूंजेंगी पौराणिक और वीर गाथाएं

विभु मिश्रा 
गाजियाबाद। मां दुर्गा की आराधना के बीच राजनगर एक्सटेंशन में आज से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम मचेगी। संकल्प सिद्धि फाउंडेशन के वार्षिक दुर्गा पूजा महोत्सव में पौराणिक गाथाओं, नारी शक्ति, देशभक्ति और डांडिया उत्सव के जरिए संस्कृति के अलग-अलग रंग देखने को मिलेंगे। 21 अक्टूबर तक चलने वाले इस महोत्सव में पूजा-अर्चना और आरती के साथ हर दिन विशेष थीम पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

भक्ति के साथ संस्कृति का संगम

राजनगर एक्सटेंशन में संकल्प सिद्धि फाउंडेशन की ओर से आयोजित यह दुर्गा महोत्सव 11 अक्टूबर से शुरू हुआ था, जो 21 अक्टूबर तक चलेगा। अब महोत्सव के अंतिम चरण में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां मुख्य आकर्षण रहेंगी। आज से शुरू होने वाले विशेष कार्यक्रमों में हर दिन अलग विषय देखने को मिलेगा। देवी-देवताओं की गाथाओं से लेकर महिलाओं के सामर्थ्य, सैनिकों के शौर्य और पारंपरिक नृत्य-संगीत तक, आयोजन में भारतीय संस्कृति के विविध पहलुओं को मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।

आज पौराणिक गाथाओं की प्रस्तुति

आज 17 अक्टूबर को कार्यक्रम देवी-देवताओं और पौराणिक गाथाओं पर केंद्रित रहेंगे। शिव कथाओं, भगवान राम के जीवन प्रसंगों और पारंपरिक नृत्य प्रस्तुतियों के जरिए धार्मिक विरासत की झलक दिखाई जाएगी। पूजा और आरती के साथ होने वाले इन कार्यक्रमों में भक्ति के माहौल के बीच भारतीय परंपराओं को सांस्कृतिक रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।

नारी शक्ति को समर्पित कार्यक्रम

18 अक्टूबर को महोत्सव में नारी शक्ति का रंग देखने को मिलेगा। महिलाओं के सम्मान, आत्मविश्वास और सामर्थ्य को केंद्र में रखकर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। वीरांगनाओं के योगदान और महिला सशक्तीकरण से जुड़े प्रसंगों के माध्यम से महिलाओं की भूमिका और उनके साहस को रेखांकित किया जाएगा।

वीर जवानों के शौर्य को सलाम

19 अक्टूबर को देशभक्ति और वीर गाथाओं पर आधारित कार्यक्रम होंगे। भारतीय सेना के शौर्य, सैनिकों के बलिदान और देश के प्रति समर्पण को प्रस्तुतियों के माध्यम से सामने लाया जाएगा। वीर जवानों के योगदान और राष्ट्रीय गौरव से जुड़े प्रसंग इस दिन के कार्यक्रमों का मुख्य हिस्सा होंगे।

डांडिया के रंग में रंगेगा महोत्सव

20 अक्टूबर को डांडिया उत्सव आयोजित किया जाएगा। पारंपरिक नृत्य और संगीत के बीच लोक संस्कृति की छटा देखने को मिलेगी। गरबा और डांडिया के जरिए उत्सव में शामिल लोग सांस्कृतिक माहौल का आनंद ले सकेंगे। चार दिनों की थीम आधारित प्रस्तुतियों में यह कार्यक्रम खास आकर्षण रहेगा।

विसर्जन और महाभंडारे के साथ समापन

21 अक्टूबर को पूजा के बाद विसर्जन और महाभंडारे का आयोजन होगा। इसके साथ ही कई दिनों से चल रहे दुर्गा पूजा महोत्सव का समापन होगा। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों को शामिल कर आयोजन को ऐसा स्वरूप दिया गया है, जिसमें आस्था, परंपरा और सामाजिक सहभागिता एक साथ नजर आएं।

हर साल आयोजित होता है महोत्सव

संकल्प सिद्धि फाउंडेशन के अध्यक्ष राजीव झा ने बताया कि राजनगर एक्सटेंशन में दुर्गा पूजा महोत्सव हर साल आयोजित किया जाता है। इसका उद्देश्य मां दुर्गा की आराधना के साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि इस बार भी पौराणिक गाथाओं, नारी शक्ति, देशभक्ति और डांडिया उत्सव को कार्यक्रमों में शामिल किया गया है, ताकि अलग-अलग आयु वर्ग के लोग इससे जुड़ सकें और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से परिचित होने का अवसर मिले।

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