- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप
विभु मिश्रा
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन की रामलीला में सीता स्वयंवर के मंचन ने दर्शकों को रामायण के उस प्रसंग से रूबरू कराया, जिसमें भगवान राम के शिवधनुष तोड़ते ही माता सीता के विवाह का मार्ग प्रशस्त होता है। इसके बाद लक्ष्मण और परशुराम के बीच तीखे संवादों ने मंचन को और प्रभावशाली बना दिया। कलाकारों ने प्रसंगों को जीवंत अंदाज में प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
धनुष उठाने में विफल रहे राजा
सीता स्वयंवर के दौरान महाराजा जनक ने शर्त रखी कि शिवधनुष तोड़ने वाले वीर से ही माता सीता का विवाह होगा। सभा में मौजूद विभिन्न राज्यों के राजा बारी-बारी से धनुष उठाने और तोड़ने का प्रयास करते हैं, लेकिन कोई सफल नहीं हो पाता। राजाओं की असफलता देखकर जनक निराशा जताते हैं। इस पर लक्ष्मण क्रोधित हो जाते हैं, लेकिन भगवान राम उन्हें शांत कराते हैं। गुरु विश्वामित्र की आज्ञा मिलने पर श्रीराम सहजता से शिवधनुष उठाकर तोड़ देते हैं। इसके बाद माता सीता उनके गले में जयमाला डालती हैं और पूरा वातावरण जयकारों से गूंज उठता है।
परशुराम के क्रोध पर लक्ष्मण का व्यंग्य
शिवधनुष टूटने की आवाज सुनकर भगवान परशुराम जनक की सभा में पहुंचते हैं और धनुष तोड़ने वाले को ललकारते हैं। भगवान राम विनम्रता और मधुर वचनों से उनका क्रोध शांत करने का प्रयास करते हैं। वहीं, लक्ष्मण परशुराम के तेवरों पर व्यंग्य करते हुए कहते हैं कि बचपन में उन्होंने भी कई धनुष तोड़े हैं, लेकिन तब किसी ने इतना क्रोध नहीं जताया। परशुराम अपनी वीरता और सहस्रबाहु के वध का उल्लेख करते हैं, तो लक्ष्मण जवाब देते हैं कि सच्चे वीर अपनी प्रशंसा स्वयं नहीं करते, बल्कि युद्धभूमि में पराक्रम दिखाते हैं। दोनों के बीच संवादों ने दर्शकों को खासा आकर्षित किया।
ट्रस्ट पदाधिकारी रहे मौजूद
रामलीला के मंचन के दौरान रामलीला ट्रस्ट के अनिल तोमर, अनिल शर्मा, दीपक सहलोत, अंकित गुप्ता, नरेश सिरोही, मनोज अग्रवाल, राहुल ढाका, अरविंद भारद्वाज, एनके शर्मा, अनिरुद्ध पवार और बीपी उपाध्याय समेत ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।
विशेष: अपने से जुड़ी खबरों के लिए "मौन एक्सप्रेस" वॉट्सएप चैनल और फेसबुक पेज जरूर फॉलो करें। कमेंट बॉक्स में कमेंट कर अपने सुझाव अवश्य दें। ब्लॉग का वॉट्सअप चैनल जरूर फॉलो करें।
Ghaziabad news
Lakshman Parshuram Dialogue
Lord Ram
Rajnagar cultural events
Rajnagar Extension Ramlila
Ram Parshuram Samvad
Shiva Dhanush
Sita Swayamvar
स्थान:
India
- लिंक पाएं
- X
- ईमेल
- दूसरे ऐप

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें